नए साल की सादगी भरी शुरुआत करते हुए मंत्री दीपक प्रकाश ने दृष्टिबाधित बच्चों के साथ मनाया नव वर्ष

नववर्ष के शुभ अवसर पर माननीय पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने पटना के कुम्हरार स्थित नेत्रहीन विद्यालय पहुँचकर दृष्टिबाधित बच्चों के साथ समय बिताया और उनके बीच सादगी, संवेदनशीलता एवं आत्मीयता के साथ नए वर्ष की शुरुआत की। मंत्री का यह कदम सामाजिक समरसता और मानवीय संवेदनाओं का सशक्त उदाहरण बना।

विद्यालय परिसर में पहुँचते ही मंत्री दीपक प्रकाश ने बच्चों से आत्मीय संवाद किया, उनकी दिनचर्या, शिक्षा प्रणाली तथा विभिन्न गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों को भी ध्यानपूर्वक देखा और उनके प्रयासों की सराहना की। बच्चों के साथ बिताए गए ये क्षण भावनात्मक एवं प्रेरणादायी रहे।

इस अवसर पर मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर दिव्यांगजनों को साथ लेकर चलना ही सार्वजनिक जीवन की सच्ची जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि दृष्टिबाधित बच्चों का आत्मविश्वास, संघर्षशीलता और सकारात्मक सोच समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। ऐसे बच्चे हमें यह सिखाते हैं कि कठिन परिस्थितियों में भी जीवन को आशा और उत्साह के साथ जिया जा सकता है।

मंत्री ने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत को स्मरणीय बनाते हुए एक सराहनीय पहल के तहत अपने प्रथम माह की संपूर्ण वेतनराशि विद्यालय के विकास, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार एवं बच्चों की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए समर्पित की। उन्होंने कहा कि यह योगदान केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि इन बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

उक्त आशय की जानकारी देते हुए राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता नितिन भारती ने बताया कि कार्यक्रम का समापन अत्यंत सादगीपूर्ण एवं भावनात्मक वातावरण में हुआ। विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकगण एवं उपस्थित लोगों ने मंत्री दीपक प्रकाश के इस मानवीय और प्रेरक कदम के लिए आभार व्यक्त किया। यह कार्यक्रम समाज में करुणा, सहयोग और समावेशिता की भावना को मजबूत करने वाला सिद्ध होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *