
बैठक की अध्यक्षता माननीय अध्यक्ष, राज्य प्रावैधिक शिक्षा पर्षद द्वारा की गई, जिसमें निदेशक सह अपर सचिव विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग उपस्थित थे। पर्षद के सभी माननीय सदस्य, सचिव तथा संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक सत्र 2025-26 से संबंधित विभिन्न

परीक्षा, परिणाम, अनुशासनात्मक कार्यवाही, शैक्षणिक कैलेंडर, संबद्धता, तथा छात्रों के हित से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार-विमर्श करना था। बैठक के प्रारंभ में पूर्व में आयोजित परीक्षा पर्षद की बैठक दिनांक 24 जुलाई 2025 की कार्यवाही एवं पर्षद द्वारा लिए गए निर्णयों के अनुपालन प्रतिवेदन की समीक्षा की गई, जिस पर विस्तृत चर्चा के उपरांत पर्षद द्वारा संतोष व्यक्त

किया गया। यह बैठक राज्य के तकनीकी शिक्षा तंत्र को अधिक पारदर्शी, समयबद्ध एवं गुणवतापूर्ण बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रही। पर्षद द्वारा यह स्पष्ट किया गया कि परीक्षा एवं मूल्यांकन प्रणाली में किसी भी प्रकार की अनियमितता या विलंब छात्रों के शैक्षणिक भविष्य को प्रभावित कर सकता है, अतः सभी निर्णय छात्रहित एवं अकादमिक गुणवता को केंद्र में रखकर लिए गए हैं।

बैठक में माह दिसंबर 2025 में आयोजित सेमेस्टर- I, III एवं V (OBE) परीक्षा 2025 (Odd), सेमेस्टर-I/II, III एवं v (Old एवं New Syllabus) तथा PTD सेमेस्टर-I/II, III, V एवं VII (Odd) परीक्षाओं के परीक्षा परिणामों के प्रकाशन पर विस्तार से विचार किया गया। इस परीक्षा का मूल्यांकन संस्थान परिसर में ही OSM (On Screen Marking) के द्वारा पूर्ण किया गया। साथ ही Practical Exam, Internal Exam तथा External Exam के Viva Voce हेतु Mobile App का इस्तेमाल किया गया। पर्षद को अवगत कराया गया कि सभी परीक्षाओं का मूल्यांकन कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा परिणाम तैयार कर लिए गए हैं। पर्षद द्वारा परिणामों की गुणवत्ता, गोपनीयता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु अपनाई गई प्रक्रियाओं की समीक्षा की गई। तत्पश्चात सर्वसम्मति से परीक्षा परिणामों के प्रकाशन की स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त, फरवरी 2026 में आयोजित की जाने वाली कंपार्टमेंटल/सप्लीमेंट्री परीक्षाओं के आयोजन, तिथि-पत्रक (Exam Program) तथा संचालन संबंधी प्रस्तावों पर भी विचार किया गया। पर्षद ने यह निर्णय लिया कि जिन छात्रों को सीमित विषयों में असफलता प्राप्त हुई है, उन्हें समय पर पुनः परीक्षा का अवसर उपलब्ध कराना छात्रहित में आवश्यक है, जिससे वे अपने शैक्षणिक सत्र को बिना
बैठक के दौरान परीक्षा में अनुचित साधनों (Unfair Means) के मामलों पर भी गंभीरता से विचार किया गया। पर्षद को अवगत कराया गया कि दिसंबर 2025 की परीक्षा में चिन्हित मामलों की जांच Disciplinary Action Committee (DAC) द्वारा की गई है। जांचोपरांत समिति द्वारा Scale of Punishment के अंतर्गत दंड की अनुशंसा की गई, जिसे पर्षद के समक्ष अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया गया। पर्षद ने स्पष्ट किया कि परीक्षा की पवित्रता एवं विश्वसनीयता बनाए रखने हेतु अनुचित साधनों के प्रयोग पर किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाएगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया कि सभी मामलों में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पूर्णतः पालन किया गया है। पर्षद का यह निर्णय छात्रों में अनुशासन, नैतिकता एवं ईमानदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक सशक्त संदेश देता है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता सर्वोपरि है।
बैठक में जुलाई 2025 में आयोजित सेमेस्टर – ॥ एवं IV (OBE) परीक्षा 2025 (Even), सेमेस्टर-IV एवं VI (Old एवं New Syllabus) तथा PTD सेमेस्टर-IV, VI एवं VIII कंपार्टमेंटल / सप्लीमेंट्री परीक्षाओं के पुनर्मूल्यांकन के उपरांत संशोधित परीक्षा परिणामों के प्रकाशन पर विचार किया गया। पर्षद को सूचित किया गया कि पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया नियमानुसार पूर्ण कर ली गई है तथा संशोधित परिणाम प्रकाशित किए जा चुके हैं। पर्षद द्वारा इन परिणामों के प्रकाशन हेतु स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त, शैक्षणिक सत्र 2025-26 के Even Semester (Semester-II/IV/VI) के लिए अकादमिक कैलेंडर एवं छात्र छात्राओ एवं शिक्षको के अवकाश तालिका के अनुमोदन पर भी चर्चा की गई। तत्पश्चात उपरोक्त का विमोचन माननीय मंत्री, विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, बिहार सरकार के करकमलों द्वारा किया गया।
बैठक में सत्र 2026-27 के लिए अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE), नई दिल्ली से अनुमोदन प्राप्त नए निजी पॉलिटेक्निक संस्थानों को राज्य प्रावैधिक शिक्षा पर्षद से संबद्धता प्रदान करने से पूर्व Quality Council of India (QCI) द्वारा Third Party Assessment कराए जाने के प्रस्ताव पर विस्तार से विचार किया गया। पर्षद को बताया गया कि AICTE द्वारा Approval Process Handbook 2026-27 जारी कर दी गई है. जिसके आलोक में S.B.T.E. द्वारा विकसित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। पर्षद ने यह निर्णय लिया कि गुणवता आधारित तकनीकी शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु सभी नए एवं विद्यमान निजी पॉलिटेक्निक संस्थानों के लिए Third Party Assessment अनिवार्य रहेगा, जिससे शिक्षा स्तर मैं सुधार सुनिश्चित की जा सके।
छात्र कल्याण को सर्वोपरि रखते हुए, पर्षद ने उन छात्रों को एक विशेष अवसर प्रदान करने पर विचार किया है जो अपनी परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए निर्धारित नौ अवसरों की सीमा पार कर चुके हैं। वर्तमान नियमों के अनुसार, छात्रों को अधिकतम नौ बार परीक्षा में बैठने का अवसर दिया जाता है। हालांकि, छात्र हित में अब यह प्रस्ताव दिया गया है कि नौ बार से अधिक मौका इच्छुक छात्रों को संस्थान के अग्रसराण पर प्रदान की जाएगी।
पर्षद की उपलब्धियों के क्रम में यह जानकारी साझा की गई कि ‘द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) द्वारा राज्य प्रावैधिक शिक्षा पर्षद, बिहार को ‘सस्टेनेबिलिटी एक्सीलेंस अवार्ड’ (Sustainability Excellence Award) से सम्मानित किया गया है। यह प्रतिष्ठित सम्मान पर्षद को 13 दिसंबर, 2025 को आयोजित प्रथम नेशनल सस्टेनेबिलिटी कन्वेंशन में सतत विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया गया। यह उपलब्धि राज्य के लिए गौरव का विषय है और पर्षद के प्रभावी प्रबंधन एवं नवाचारों का प्रमाण है। इस बैठक में संगठन की निरंतरता सुनिश्चित करने हेतु दो वरिष्ठ प्राचार्यों की सेवानिवृत्ति के उपरांत रिक्त हुए स्थानों पर नए सदस्यों को शामिल करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया, ताकि भविष्य की योजनाएं सुचारू रूप से संचालित होती रहें।
