
ऑल इंडिया पसमंदा मुस्लिम महाज (बिहार प्रदेश) ने बिहार विधानसभा में AIMIM के विधायक एवं बिहार प्रदेश अध्यक्ष जनाब अख्तरुल ईमान द्वारा कथित रूप से की गई जातिगत एवं आपत्तिजनक टिप्पणी “घास खाए घोड़ा, मार खाए जुलाहा” पर गहरी आपत्ति दर्ज करते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। संगठन का कहना है कि इस प्रकार की टिप्पणी जुलाहा/अंसारी (बुनकर) बिरादरी सहित समस्त पसमंदा मुस्लिम समाज की सामाजिक गरिमा एवं आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाती है।

प्रदेश अध्यक्ष जनाब तौकीर अहमद ने माननीय विधानसभा अध्यक्ष को लिखित पत्र भेजकर निम्नलिखित मांगें की हैं:

- उक्त टिप्पणी को विधानसभा की आधिकारिक कार्यवाही (Proceedings/Hansard) से तत्काल प्रभाव से विलोपित (Expunge) किया जाए।
- मामले की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित विधायक के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
- भविष्य में सदन में किसी भी जातिगत अथवा समुदाय-विरोधी टिप्पणी पर सख्त नियमावली लागू की जाए, ताकि सदन की गरिमा एवं संवैधानिक मूल्यों की रक्षा हो सके।
तौकीर अहमद ने कहा कि पसमंदा समाज सदियों से सामाजिक-आर्थिक पिछड़ेपन एवं उपेक्षा का सामना करता आया है। ऐसे में विधानसभा जैसे सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच से की गई इस प्रकार की टिप्पणी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन का उद्देश्य किसी व्यक्ति या दल के विरुद्ध वैमनस्य फैलाना नहीं, बल्कि संविधान प्रदत्त समानता, सामाजिक न्याय और मानव गरिमा की रक्षा करना है।

पटना के वरिष्ठ शिक्षक एवं समाजसेवी गुरु रहमान ने अपने संबोधन में इस घटना की कड़ी आलोचना करते हुए संबंधित विधायक के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने गृह मंत्री एवं प्रधानमंत्री से भी इस प्रकरण में उचित हस्तक्षेप कर न्याय सुनिश्चित करने की अपील की।
इस अवसर पर प्रदेश सचिव मुस्तफा मंसूरी, जिला अध्यक्ष पटना मोहम्मद सरफराज आलम, मोहम्मद फरहान, नईमुद्दीन सहित अन्य पदाधिकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
यह प्रेस कॉन्फ्रेंस आज महाज कार्यालय, नया टोला, फुलवारी शरीफ, पटना में संपन्न हुई।
ऑल इंडिया पसमंदा मुस्लिम महाज ने बिहार के सभी सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों एवं मीडिया से अपील की है कि वे जातिगत अपमानजनक टिप्पणियों के विरुद्ध एकजुट होकर संवैधानिक मूल्यों की रक्षा में सहयोग करें।
जारीकर्ता:
ऑल इंडिया पसमंदा मुस्लिम महाज
बिहार प्रदेश
